हिंदी गाइड · 2026 के लिए अपडेटेड

रिज्यूमे कैसे बनाएं — 2026 का पूरा तरीका

Resume Kaise Banaye

ज़्यादातर हिंदी गाइड आपको फ़ॉन्ट और मार्जिन बताती हैं। असली समस्या वह नहीं है। 2026 में भारत में आपका रिज्यूमे सबसे पहले किसी इंसान के पास नहीं, बल्कि एक सॉफ़्टवेयर (ATS) के पास जाता है — और वहीं ज़्यादातर रिज्यूमे रुक जाते हैं। यह पेज उसी क्रम में चलता है जिस क्रम में आपका रिज्यूमे पढ़ा जाता है: पहले मशीन, फिर रिक्रूटर की 7–10 सेकंड की नज़र, और आख़िर में इंटरव्यू पैनल।

Pay once — no subscription Your resume is never stored No credit card

रिज्यूमे में सेक्शन किस क्रम में हों

क्रम मनमाना नहीं होता। रिक्रूटर ऊपर से नीचे पढ़ता है और औसतन 7–10 सेकंड देता है, इसलिए जो चीज़ आपको नौकरी दिलाएगी वह ऊपर होनी चाहिए।

अनुभवी उम्मीदवार के लिए सही क्रम:

  • नाम और संपर्क — नाम, फ़ोन, ईमेल, शहर + राज्य, LinkedIn
  • प्रोफ़ेशनल समरी — 2–3 लाइन, आपका काम + कुल अनुभव + सबसे बड़ी उपलब्धि
  • कार्य अनुभव — नया से पुराना (reverse chronological)
  • स्किल्स — वही जो जॉब डिस्क्रिप्शन में लिखी हैं
  • शिक्षा — डिग्री, संस्थान, साल
  • सर्टिफिकेशन / प्रोजेक्ट (अगर प्रासंगिक हों)

फ़्रेशर के लिए सिर्फ़ दो चीज़ें बदलती हैं: शिक्षा ऊपर आ जाती है, और प्रोजेक्ट/इंटर्नशिप कार्य-अनुभव की जगह ले लेते हैं। बाक़ी क्रम वही रहता है।

सेक्शन के नाम सीधे-सादे रखें — "कार्य अनुभव" या "Work Experience", "शिक्षा" या "Education". रचनात्मक हेडिंग जैसे "मेरा सफ़र" ATS नहीं पहचानता।

बुलेट पॉइंट लिखने का फ़ॉर्मूला — काम + तरीका + नतीजा

यह वह एक चीज़ है जो कमज़ोर और मज़बूत रिज्यूमे को अलग करती है, और यही सबसे कम सिखाई जाती है।

ज़्यादातर लोग ज़िम्मेदारी लिखते हैं: "बिलिंग का काम देखता था।" इससे रिक्रूटर को कुछ पता नहीं चलता — यह तो जॉब डिस्क्रिप्शन है, उपलब्धि नहीं।

इसकी जगह तीन हिस्सों में लिखें:

क्या किया + कैसे किया + क्या नतीजा निकला

  • कमज़ोर: "ग्राहकों की शिकायतें संभालता था।"
  • मज़बूत: "रोज़ 40+ ग्राहक शिकायतें संभालीं, फ़ॉलो-अप का ट्रैकर बनाया — दोबारा आने वाली शिकायतें 6 महीने में एक-तिहाई कम हुईं।"

संख्या हर लाइन में ज़रूरी नहीं, लेकिन जहाँ आपको सच में पता है वहाँ ज़रूर डालें: कितने लोग, कितना पैसा, कितना समय, कितने प्रतिशत। अगर आपको सटीक आँकड़ा नहीं पता तो अनुमान मत गढ़िए — इंटरव्यू में यही सवाल पूछा जाता है और वहीं पकड़ा जाता है। संख्या की जगह पैमाना लिखें: "पूरे ज़ोन के डीलरों के लिए" या "तीन शहरों की टीम के लिए"।

फोटो, जन्मतिथि, पिता का नाम — कब डालें, कब नुक़सान करते हैं

यह भारत का सबसे उलझा हुआ सवाल है, और सही जवाब "हाँ" या "ना" नहीं — यह इस पर निर्भर करता है कि आप कहाँ आवेदन कर रहे हैं।

प्राइवेट / प्रोडक्ट कंपनियाँ और स्टार्टअप (Flipkart, Swiggy, Razorpay जैसी): फोटो, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति, पिता का नाम, धर्म, जाति — कुछ भी न डालें। ये जगह घेरते हैं, कोई फ़ायदा नहीं देते, और कई कंपनियों में जानबूझकर हटाए जाते हैं ताकि पक्षपात न हो।

सरकारी नौकरी, बैंक, रक्षा, शिक्षण संस्थान: यहाँ परंपरा उलटी है। पासपोर्ट फोटो, जन्मतिथि, पिता/माता का नाम, श्रेणी (अगर आरक्षण का दावा कर रहे हैं) और घोषणा (declaration) आम तौर पर अपेक्षित हैं। विस्तार से देखें: सरकारी नौकरी का रिज्यूमे फ़ॉर्मेट

विदेश में आवेदन (अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन): फोटो और निजी जानकारी बिल्कुल न डालें — वहाँ यह भेदभाव-विरोधी नियमों के ख़िलाफ़ माना जाता है और रिज्यूमे तुरंत ख़ारिज हो सकता है।

संदेह हो तो हटा दें। जो जगह बचे उसमें एक और उपलब्धि लिख दें।

एक पेज या दो पेज?

भारत में भी वही नियम चलता है जो बाक़ी दुनिया में:

  • 5 साल से कम अनुभव — एक पेज। कोई अपवाद नहीं।
  • 5 से 15 साल — दो पेज तक ठीक है।
  • 15 साल से ज़्यादा, या सरकारी/शोध पद — लंबा दस्तावेज़ चल सकता है।

दो पेज का रिज्यूमे "ज़्यादा मेहनत" नहीं दिखाता। रिक्रूटर उतना ही समय देता है, इसलिए लंबाई बढ़ाने से आपकी सबसे अच्छी लाइन नीचे दब जाती है।

अगर एक पेज में नहीं आ रहा तो पुरानी नौकरियों के बुलेट कम करें — 10 साल पुरानी भूमिका के लिए एक लाइन काफ़ी है।

फ़ाइल, फ़ॉर्मेट और नाम — छोटी बातें जो रिज्यूमे रुकवा देती हैं

  • PDF में भेजें, जब तक कंपनी या पोर्टल Word (DOCX) न माँगे। Naukri जैसे पोर्टल पर कभी-कभी DOCX बेहतर पार्स होता है।
  • फ़ाइल का नाम अपने नाम पर रखें: Rahul_Sharma_Resume.pdfresume final 2 new.pdf नहीं। रिक्रूटर के फ़ोल्डर में सौ फ़ाइलें होती हैं।
  • एक कॉलम में लिखें। दो कॉलम, टेबल, टेक्स्ट-बॉक्स और हेडर/फुटर में रखी जानकारी को कई ATS पढ़ ही नहीं पाते।
  • आम फ़ॉन्ट इस्तेमाल करें और फ़ॉन्ट साइज़ 10 से नीचे न ले जाएँ।
  • संपर्क जानकारी हेडर में नहीं, पेज के मुख्य हिस्से में लिखें — वरना पार्स होते समय आपका फ़ोन नंबर ग़ायब हो सकता है।

यह सब ATS फ्रेंडली रिज्यूमे कैसे बनाएं में विस्तार से समझाया गया है।

भेजने से पहले की आख़िरी जाँच

  • क्या हर बुलेट में नतीजा है, सिर्फ़ ज़िम्मेदारी नहीं?
  • क्या जॉब डिस्क्रिप्शन के मुख्य शब्द आपके रिज्यूमे में उसी रूप में मौजूद हैं?
  • क्या तारीख़ों में कोई अनदेखा गैप है? हो तो एक ईमानदार लाइन में बता दें।
  • क्या नाम, डिग्री और साल आपके प्रमाणपत्रों से हूबहू मिलते हैं?
  • क्या किसी और ने इसे पढ़ा है? अपनी ग़लती अपनी आँख नहीं पकड़ती।

अगर आप देखना चाहते हैं कि मशीन आपके रिज्यूमे को कितने अंक देती है, तो मुफ़्त ATS स्कोर चेकर पर फ़ाइल अपलोड करके 100 में से स्कोर और कमियों की सूची देख सकते हैं — साइन-अप की ज़रूरत नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्राइवेट कंपनियों, IT, MNC और जॉब पोर्टल के लिए अंग्रेज़ी में ही बनाएं — रिक्रूटर और ATS दोनों अंग्रेज़ी में खोजते हैं। सरकारी विभागों, कुछ राज्य-स्तरीय पदों और दस्तावेज़ सत्यापन के लिए हिंदी प्रति साथ रखना उपयोगी होता है। सबसे सुरक्षित तरीक़ा: अंग्रेज़ी मुख्य प्रति, हिंदी अतिरिक्त प्रति।

अंग्रेज़ी में विस्तृत गाइड और मुफ़्त टूल

ये पेज अंग्रेज़ी में हैं और इनमें और गहराई से जानकारी + काम करने वाले टूल मिलेंगे।

पढ़ लिया — अब बनाकर देखिए।

अपना रिज्यूमे अपलोड करके मुफ़्त ATS स्कोर और कमियों की सूची देखें। साइन-अप या कार्ड की ज़रूरत नहीं।

मुफ़्त में रिज्यूमे बनाएं